Uncategorized

महिला ने मृतक के परिजनों पर लगाया ब्लैकमेल करने का आरोप

ललितपुर। मुकद्दमे में युवक की आर्थिक मदद करना एक बेवा महिला को उस समय महंगा पड़ गया जब युवक ने जहर खा कर आत्महत्या कर ली और मृतक के परिजन बेवा महिला को गुमराह करने लगे। अब न्याय पाने की उम्मीद लिए पीडि़ता दर-दर की ठोकरें खाने को विवश है। इस संबंध में जिला व पुलिस प्रशासन को भेजे एक शिकायती पत्र में पीडि़त महिला सन्तरा उर्फ भारती पत्नी स्व. विन्द्रावन ने बताया कि वर्ष 2015 के मई माह में वह ब्लाक 32 के कमरा नंबर 372 में निवास करती थी। पति की मृत्यु उपरांत झांसी के स्वास्थ्य विभाग में कार्य करने लगी। बताया को इसी दौरान कालोनी में रहने वाला गिरबल भी निवासरत था। उसका लड़का गुलाब सिंह उर्फ भूरे कालोनी की ही एक लड़की को भगा ले गया था, जिसके खिलाफ मुकद्दमा भी दर्ज हुआ और वह पकड़ा गया, जिसके बाद वह जमानत पर छूटकर झांसी में ही मजदूरी करने लगा। बताया कि उक्त लड़के से उसके पुत्र विकास की दोस्ती हो गयी, जिसके बाद भूरे ने विकास से दोस्ती का हवाला देते हुये पीडि़ता से मुकद्दमे में व्यय के लिए विश्वास में लेकर 50 हजार रुपए ले लिया। आरोप है कि जब भूरे ने अपने परिजनों से मदद मांगी तो उन्होंने मना करते हुए डांट दिया। परिजनों की डांट से क्षुब्ध होकर भूरे ने जहर खा लिया और झांसी मेडिकल कालेज में उपचार के समय भूरे की मृत्यु हो गयी।