ललितपुर

मड़ावरा में सफेद हाथी साबित हो रही प्याऊ

मड़ावरा(ललितपुर)। कस्बे की ह्र्दयस्थली कहे जाने वाले बेरियर चौराहे पर ग्रामपंचायत द्वारा बनवायी गयी सार्वजनिक प्याऊ महज सफेद हाथी साबित होती नजर आ रही है। पिछले वर्ष लाखों रुपयों की लागत से बनवायी सार्वजनिक प्याऊ का शुभारम्भ बड़े जोरशोर से राज्यमंत्री से कराया गया लेकिन उसके बाद से प्याऊ से आजतक किसी भी ग्रामीण और राहगीर को एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हो सका। कस्बे में ग्रामपंचायत द्वारा बनवायी गयी एकमात्र सार्वजनिक प्याऊ से शीतल जल भले ही नहीं मिल रहा हो लेकिन उक्त प्याऊ शाम के वक्त शराबियों का अड्डा जरुर बनी नजर आती है। अतिक्रमण का शिकार हो चुकी सार्वजनिक प्याऊ के पास लगे हैंडपम्प और लावारिस प्याऊ का चबूतरा स्थानीय शराबियों की पसंद बन चुकी है। गौरतलब है कि ग्रामपंचायत द्वारा पेयजल संसाधनों के विकास तथा रखरखाव के नाम पर लाखों रुपये खर्च किये गये हैं लेकिन कस्बे में पेयजल संसाधनों की सक्रियता की स्थिति कागजों के बजाय हकीकत में काफी दयनीय है। उक्त प्याऊ के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, प्याऊ का निर्माण एक सक्रिय हैंडपम्प को हटवाकर कराया गया और बाद में दूसरा बोर करवाकर उसमें हैंडपम्प और सबमर्सिबल मोटर डलवायी गयी। बढ़ती गर्मी के साथ-साथ टौरिया मोहल्ला समेत कस्बे के कई मोहल्लों में हैंडपम्पों ने पानी देना छोड़ दिया है जिससे ग्रामीणों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है लेकिन मड़ावरा ग्रामपंचायत और उसके पंचायत सचिव को किसी की सुध नहीं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यानाकर्षित कराते हुये मांग की है कि कस्बे की एकमात्र प्याऊ को जनहित में सुचारु कराये जाने के निर्देश जारी किये जायें साथ ही टौरिया मोहल्ला समेत कस्बे में खराब पड़े हैंडपम्पों की उचित मरम्मत करायी जाये।