झांसी

टीका बच्चों को बीमारी से रखेगा सुरक्षित : सीडीओ

झांसी। खसरा और रूबेला टीका पूर्णतया सुरक्षित है। अभिभावक प्रत्येक दशा में अपने 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को 31 दिसम्बर तक अवश्य टीका लगवायें। खसरा एक जानलेवा बीमारी है और यह खांसी व छींक के द्वारा फैलती है। स्कूल में यदि एक बच्चा प्रभावित है तो अन्य बच्चों को भी रोग हो सकता है। बच्चों को सुरक्षित रखने के लिये टीकाकरण अनिवार्य है। सभी बच्चों को टीका लगवाना बेहद जरूरी है। इसमें कोई भी लापरवाही बर्दास्त नहीं की जायेगी। स्कूल प्रबन्धक अभिभावकों को जानकारी दें कि टीका बच्चों को बीमारी से सुरक्षित रखेगा। यदि कोई समस्या आती है तो जिला प्रशासन उसका निस्तारण करेगा।यह वक्तव्य मुख्य विकास अधिकारी निखिल टीकाराम फुण्डे ने गांधाी सभागार में विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक व प्रधानाचार्यों से खसरा और रूबेला टीकाकरण अभियान की प्रगति पर चर्चा करते हुये व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ कार्य किया जाये ताकि सफलता और लक्ष्य पूरा हो सके।गांधी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी ने लगभग 17 स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों से बात करते हुये कहा कि जनपद में अब तक 3,50,000 बच्चों का टीकाकरण हो गया है परन्तु आप के स्कूलों में अभी प्रगति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने ताकीद करते हुये कहा कि सभी बच्चों को टीका लगवाया जाना अनिवार्य है, कोई भी बच्चा छूटने न पाये। सीएमओ डा. सुशील प्रकाश ने बताया कि टीका पूरी तरह सुरक्षित है। कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं होता है। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि टीका लगाने के बाद बच्चे को बुखार आ सकता है या उल्टी हो सकती है। इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है, बच्चे का उपचार किया जायेगा।खसरा के कारण विकलांगता तथा असमय मृत्यु हो सकती है। यह रोग वायरस द्वारा फैलता है। यह लड़का-लड़की दोनों को संक्रमित कर सकता है। यदि महिला को गर्भावस्था के शुरूआती चरण में यह रोग हो जाये तो नवजात शिशु के लिये घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी यदि इन रोगों से बचना चाहता है तो वह अपने बच्चों को अवश्य टीका लगवायें।इस मौके पर डीआईओएस डा. एन.के. पाण्डेय, बीएसए हरिवंश, डब्ल्यूएचंओ से डा. समर्थ गोविल, एसीएमओ डा. ए.के. त्रिपाठी सहित अन्य चिकित्सक व स्कूलों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।