ललितपुर

वीपी-पैड मशीन से नेमवि में दिया गया प्रशिक्षण

ललितपुर। 2019 के लोकसभा चुनावों में निर्वाचन आयोग के आदेश पर ईव्हीएम के साथ वीपीपैट मशीन का प्रयोग शामिल किया गया है। वीपीपैड किस प्रकार से कार्य करती है, इसकी जानकारी देते हुये निर्वाचन कार्मिकों ने नेहरू महाविद्यालय में आयोजित एक शिविर में प्राध्यापकों व विद्यार्थियों से मॉक पोल कराते हुये समझाया। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वीवीपैट (वीवीपैट) व्यवस्था के तहत वोटर डालने के तुरंत बाद कागज की एक पर्ची बनती है। इस पर जिस उम्मीदवार को वोट दिया गया है, उनका नाम और चुनाव चिह्न छपा होता है। ईवीएम में लगे शीशे के एक स्क्रीन पर यह पर्ची सात सेकंड तक दिखती है। वोटर वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) या वेरिफाइड पेपर रिकार्ड (वीपीआर) एक मतदाता मत प्रणाली का उपयोग करते हुए मतदाताओं को फीडबैक देने का एक तरीका है। एक वीवीएपीएटी मतदान मशीनों के लिए एक स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली के रूप में लक्षित है, जिससे मतदाताओं को यह सत्यापित करने के लिए अनुमति दी जाती है कि उनका वोट सही ढंग से डाला गया, संभावित चुनाव धोखाधड़ी या खराबी का पता लगा सके, और संग्रहीत इलेक्ट्रॉनिक परिणामों का ऑडिट करने के लिए साधन प्रदान कर सके। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बताया कि इस लोकसभा चुनाव में दिव्यांगों का शत-प्रतिशत मतदान कराने के लिए प्रशासन ने बूथों को आईकॉन बनाया गया है। जिस पर दिव्यांगों को मतदान करने के लिए सुविधायें मुहैया करायी जायेगी। तो वहीं दृष्टिहीन दिव्यांगों को हाथों से पहचानने के लिए चिह्न अंकित किये जायेंगे। इस दौरान निर्वाचन नोडल अधिकारी स्वीप /प्राचार्य डा.अवधेश अग्रवाल के निर्देश पर एन.सी.सी.कम्पनी कमाण्डर कैप्टन पंकज शर्मा के नेतृत्व में कैडेटों ने वीवीपैट, कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट के माध्यम से स्वयं ट्रायल वोट डाल कर व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस अवसर पर संस्कृत विभागाध्यक्ष डा.ओमप्रकाश शास्त्री, हिन्दी विभागाध्यक्ष डा.ऊषा पाठक, धु्रव किलेदार, अंडर ऑफिसर विवेक, सार्जेण्ट संजीव, शिवम राजा आदि मौजूद रहे।