ललितपुर

कागजों में हुये लाखों के वारे-न्यारे,हैंडपम्प फिर भी जुगाड़ के सहारे

मड़ावरा(ललितपुर)। ग्राम सौंरई में पंचायत भवन के पास स्थित हैंडपम्प को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि इससे पानी लेने वाले ग्रामीणों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव में हैंडपम्प मरम्मत एवं स्वच्छ पेयजल व्यवस्था में लाखों रुपयों के बजट में वारे-न्यारे कर लिये जाते हैं जबकि धरातल पर खराब पड़े हैंडपम्पों से पानी लेना ग्रामीणों के लिये काफी मशक्कत भरा है। गौरतलब है कि चित्र में दर्शाया हैंडपम्प मात्र जुगाड़ के भरोसे ही चल रहा है जबकि हैंडपम्प की सेंटर-पिन के दिनों से टूटी हुई है। आरोप है कि गांव के पंचायत सेकेरेट्री कभी गांव में नहीं आते वह सिर्फ अपने बंगले पर दरबार लगाते हैं जहां आम ग्रामीणों की दरख्वास्त पर तवज्जो मिलना काफी मुश्किल है ऐसे में जब हैंडपम्प मरम्मत की कोई सुध नहीं ली गयी तो ग्रामीणों द्वारा स्टील की सेंटर-पिन कि जगह एक लकड़ी ठोक कर काम चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि पंचायत भवन के पास स्थित हैंडपम्प से हरिजन बस्ती समेत कुशवाहा समाज के दर्जनों घर को पानी मिलता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उनकी बस्ती के हैंडपम्प की शीघ्र ही उचित मरम्मत करायी जाये।