बुन्देलखण्ड ललितपुर

कलिकाल के प्रधान देवता है श्रीहनुमान जी महाराज : नरहरिदास

ललितपुर। श्रीरामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति द्वारा श्रीहनुमान जयन्ती महोत्सव के तृतीय दिवस में श्रीअयोध्याधाम से पधारे रामकथा के विख्यात वक्ता नरहरिदास जी महाराज ने संगीतमय कथा का रसास्वादन कराते हुये प्रथम दिवस की कथा प्रारम्भ की। उन्होंने कहा कि श्रीहनुमान जी महाराज कलीकाल के प्रधान देवता माने गये है। इनके सुमिरण मात्र से भी व्यक्ति सम्पूर्ण भवसागर को पार कर जाता है। उन्होंने कहा कि हनुमान जयन्ती के सम्बन्ध में वर्ष में 2 बार श्री हनुमान जयन्ती मनाने की परम्परा है जो कार्तिक मास की चतुर्दशी एवं चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को है। श्री हनुमान जयन्ती का पर्व दोनों ही तिथियों में मनाये जाने के लिए श्रेष्ठ माना गया है भगवान का उत्सव भक्त जब भी मनाना चाहे वह मना सकता है इसलिए कार्तिक चतुर्दशी एवं चैत्र पूर्णिमा दोनों तिथि उत्तम है। आज सम्पूर्ण जनमानस में सभी धर्मो एवं जन जन के ईष्ट संकट मोचन श्री हनुमान जी महाराज है जो भक्तों के सभी संकट कष्ट हरने का कार्य करते है उन्होंने कहा की ललितपुर का सबसे सिद्ध मन्दिर तुवन हनुमान जी का है जहां आकर मुझे जो मन की शान्ति एवं भक्ति भाव का आनन्द प्राप्त हुआ है मानो ऐसा लग रहा है स्वयं हनुमान जी महाराज तुवन सरकार के रूप में आज श्री रामकथा का श्रवण कर रहे है। हनुमान जी महाराज स्वयं भगवान रूद्र का अवतार माने जाते है और यह वही रूद्रावतार है जिन्होंने रावण स्वर्णमयी लंका को अग्नि के हवाले कर दिया था ।