ललितपुर

परिवहन कार्यालय में उड़ाई जा रही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां

झांसी। सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों की लचर प्रणाली एवं बाबुओं की मनमानी के चलते वाहन स्वामियों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि कोई भी वाहन खरीद वाले वाहन स्वामियों से पंजीकरण कराने बावत एक ही पते के दो आईडी परिवहन कार्यालय द्वारा मांगी जा रही है जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उक्त के पंजीकरण सहित समस्त सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड ही मान्य किया गया है। इसके अलावा न तो बैंक की पासबुक और न ही बिजली बिल, टेलीफोन बिल अथवा हाउस टैक्स की रसीद आदि प्रपत्रों को सर्पोटिंग आईडी के रुप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है और एक ही पते के वोटर कार्ड एवं आधार मांगे जा रहे हैं। जबकि सैंकड़ों वाहन स्वामियों के पते बदल जाने से वोटर आईडी पर और आधार कार्ड पर भिन्न-भिन्न पते दर्ज हैं। पते की भिन्नता का लाभ उठाकर परिवहन कार्यालय में पदस्थ लिपिक जेबें गरम करने का बहाना ढूंढ़ते हैं तथा एक ही पते के दो आईडी न दे पाने वाले वाहन स्वामियों को हजारों रुपये की भेंट परिवहन कार्यालयों में चढ़ानी पड़ती है। परिवहन कार्यालय में पदस्थ प्रशासनिक अधिकारियों की मनमर्जी के चलते सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है साथ ही सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाकर स्वयं जेबें गरम करने में लगे हुये हैं।