ललितपुर

सोई हुई कौम को बाबा जगा गया, सम्मान से हमें जीना सिखा गया

ललितपुर। बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के 63वें महा परिनिर्माण दिवस अम्बेडकर पार्क जेल चौराहा पर बड़े श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बाबा साहब के अनुयायियों द्वारा उनकी प्रतिमा पर फूल माला चढ़ाकर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कौमी एकता के प्रतीक साहित्यिक संस्था हिन्दू उर्दू अदबी संगम द्वारा कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों व कवियों ने गीतों, गजलों द्वारा बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व जिला बार एसोसियेशन अध्यक्ष केहर सिंह बुन्देला ने की एवं मुख्य अतिथि डॉ खेमचन्द्र वर्मा एवं विशिष्ट अतिथि कन्हैया लाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन रामकृष्ण कुशवाहा एड किशन ने किया। उन्होंने बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये कहा, सोई हुई कौम को बाबा जगा गया, सम्मान से हमें जीना सिखा गया। आपके जाने से ये अहसास हुआ हमें, जैसे कोई फरिश्ता दुनिया से चला गया। रामस्वरूप नामदेव अनुरागी ने बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा, दुनिया में बाबा साहब ने अलख जगा के दिया है मौका, दलित गरीबों के मल्ला हे डूबने नहीं देगें नौका। वरिष्ठ कवियत्री श्रीमति सुमनलता शर्मा चांदनी ने बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये कहा, डॉ अम्बेडकर की पुण्य तिथि हम मनाते हैं। उनकी प्रतिमा पर हम श्रद्धासुमन चढ़ाते हैं। रमेश पाठक रविन्द्र ने कहा मेरे भ्राताओं मुझे इतना बताइये, खून के रंग में फर्क हो तो समझाइये।