बुन्देलखण्ड ललितपुर

मानव के ईश्वर से जुडऩे का माध्यम है सत्संग

ललितपुर। नगर के पुलिस लाइन स्थित सुप्रसिद्ध मुक्तिधाम मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के द्वितीय दिन श्रीमद भागवत के विद्वान डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने श्रद्धालु जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि सत्संग वह शक्ति है जिसमें मानव को परमात्मा से संबंध स्थापित करने का साधन मिलता है। सत्संग व ज्ञान के माध्यम से ही मानव के जीवन का उद्धार होता है तथा उसको ईश्वर के चरणों में स्थान प्राप्त होता है, जव व्यक्ति सत्संग को भूलकर मोहमाया में पडऩे लगता है तब वह समझता है कि यही उसकी पूरी दुनिया है और अन्तिम सत्य है। ऐसे में उसे भगवान की कथा सुनकर मार्ग प्राप्त होता है। उन्होंने राजा परीक्षित के पावन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि परीक्षित को श्रंृगीऋषि के श्राप से विदित हो गया था कि 7वें दिन सर्प के काटने से उसकी मृत्यु होगी। ऐसे भीषण समय में परीक्षित ने सत्संग का मार्ग चुना एवं ऋषियों के बीच में बैठकर श्रीमद भागवत की पावन कथा का श्रवण किया जिसके प्रभाव से 7 दिन बाद जब परीक्षित की सर्प के काटने से मृत्यु हुई तो उनको मोक्ष की प्राप्ति हुई। उन्होंने धर्म के 10 अंगों की व्याख्या करते हुए कहा कि प्रत्येक मनुष्य को प्रतिक्षण सावधान रहकर धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए तभी उसका कल्याण होगा।