ललितपुर

कवि सम्मेलन में कवियों ने खूब लूटी वाह-वाह

ललितपुर। भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव पर क्षेत्रपाल मंदिर परिसर में दिगम्बर जैन पंचायत समिति के तत्वावधान में विराट कवि सम्मेलन मेंं देर रात्रि तक कवियों ने शमां बांधा और श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम का शुभारम्भ जैन पंचायत के पदाधिकारी प्रदीप जैन सतरवांस, राजेन्द्र जैन, कपूरचंद जैन, अक्षय जैन, सजीव जैन, जिनेन्द्र जैन, जितेन्द्र जैन, जिनेन्द्र जैन, सुनील ने भगवान महावीर स्वामी के चित्र के सम्मुख दीपप्रज्जवलित कर किया। कवि सम्मेलन का संचालन प्रख्यात कवि अशोक सुन्दरानी नागौद ने करते हुये आमंत्रित कवियों का परिचय कराया। आचार्यश्री के चरणों में अपनी रचना करते हुए कहा संत वही जो सागी की जीती जागती तस्वीर हो, जो स्वभाव में विनम्र और वर्ताव में कवीर हो वह कलम उठायी तो सहसा महाकाव्य मूकमाटी लिख जाए और जिसके चहरे पर देवताओं जैसा आभा मण्डल हो और जिसकी जायजाद सिर्फ एक पीछी और कमण्डल हो। अब्दुल गफार जयपुर ने गौमाता के प्रति अपने भाव समर्पित करते हुए कहा वीर प्रभु महावीर का सपना नहीं उजडने देंगे, शीश भले कट जाए लेकिन गाय नहीं कटने देंगें। कवि अमित जैन मौलिक जवलपुर ने श्रंगाररस में काव्य पाठ करते हुए कहा उसके दीदार की फरियाद किया जाते हैं उसकी खुशबू से दिल को याद किया करते हं मेरेगीतों ने उनकी रहनुमाई की है सादा जो अपना विछाडा यार याद किया करते है। अर्जुन अल्हड कोटा ने कहा जो कर सके मनचाहे को अनचाहा, अनचाहे को मन चाहा, दुनिया में सिर्फ और सिर्फ उसे महावीर कहते हैं। कवि वीरेन्द्र विद्रोही की रचना वनके आंखां में आंसू को नीर हो गए वो, खो गए जहां से तो तस्वीर हो गए। करूणा दया का पाठ पढाकर चले गए ऐसे महान संत महावीर हो गए। इस दौरान सुरेशबाबू जैन, विजय जैन, गैंदालाल सतभैया, पं.ज्ञानचंद जैन, संजय मोदी, अशोक, सत्येन्द्र जैन, विजय जैन कल्लू पत्रकार, पुष्पेन्द्र जैन आदि मौजूद रहे।