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पीएमओ ने ओवीएल की भविष्य की रणनीति पर श्वेत पत्र मांगा

नयी दिल्ली। सरकारी तेल कंपनी ओएनजीसी के कुछ तेल क्षेत्रों की बिक्री के मामले पर विचार करने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने उसकी विदेशों में काम करने वाली अनुषंगी ओएनजीसी विदेशी लिमिटेड (ओवीएल) की स्थिति और भावी रणनीति पर श्वेत पत्र मांगा है। मामले से जुड़े सूत्रों में यह जानकारी दी। सरकार पहले कई मौकों पर अपनी मूल कंपनी ओएनजीसी से ज्यादा सफल साबित हुयी ओवीएल को मूल कंपनी से अलग कर करने और उसे घरेलू या अंतरराष्ट्रीय बाजार में सूचीबद्ध उससे पैसा बनाने विचार कर चुकी है।
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 12 अक्टूबर को बुलायी गयी एक बैठक में तेल एवं गैस क्षेत्र की समीक्षा की गयी। पेट्रोलियम मंत्रालय से ओवीएल की स्थापना का कारण, लागत का खर्च और आज तक का मिले रिटर्न समेत विभिन्न मुद्दों पर श्वेत पत्र तैयार करने के लिये कहा गया है। इसके अलावा श्वेत पत्र में ओवीएल की भविष्य की रणनीति के बारे में भी बताना है। ओएनजीसी की ओवीएल में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ओवीएल कुल 20 देशों में 41 परियोजनाओं में अब तक 1.5 लाख करोड़ रुपये (28.36 अरब डॉलर) का निवेश कर चुकी है।