ललितपुर

जमरार बांध से एक दर्जन से अधिक ग्राम को मिलेगा परियोजना का लाभ-सचान

ललितपुर। किसानों को अब सिंचाई के लिए और ग्रामीणों को अब पीने के लिए पानी की उपलब्धता हो गयी है। यह सुविधा एक दर्जन से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों ग्रामीणों व किसानों को लाभान्वित करने के लिए है। वर्ष 2008 में शुरू की गयी जमरार बांध परियोजना को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते बंद कर दिया गया था, लेकिन वर्ष 2014 में यह परियोजना को फिर से शुरू किया गया एवं परियोजना का भौतिक कार्य जून 2018 में पूर्ण करते हुये जमरार बांध के भरने की प्रक्रिया शुरू की गयी एवं बांध को 367.00 मी. तक भरते हुये नहरों तथा बांध का परीक्षण प्रक्रिया शुरू की गयी। परीक्षण के दौरान पिछले वर्ष 700 हेक्टेयर से अधिक जमीनों को सिंचित करते हुये बांध की परीक्षण प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी। परियोजना की गुणवत्ता एवं पूर्णता की जांच फरवरी 2019 में भारत सरकार के संस्थान मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज द्वारा करा ली गयी है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पूर्ण होने से किसानों को होने वाले लाभों की जानकारी देते हुये सिंचाई निर्माण खण्ड माताटीला अधिशाषी अभियन्ता इंजी. अरविन्द कुमार सचान ने बताया कि जमरार बांध परियोजना के पूरे होने से ग्राम बम्हौरी बहादुरसिंह, असौरा, क्योलारी, टीकरी, रूकवाहा, खटौरा, खिरिया भारन्जू, खिरिया कुम्हैडी, गुढ़ा, अगौरा, पाली, भैंसर्रा, निवारी, पड़वा, धवारी, कुम्हैडी आदि गांव के लोगों को पीने व सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बांध पूरा होने पर बांध की दो नहरों एवं भराव के जरिए उक्त ग्रामीण अंचलों की कुल 3131 हेम्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिसमें 1931 हेक्टेयर रबी में और 1200 हेक्टेयर खरीफ में सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बांध पूर्ण होने में लगभग आधी धनराशि मुआवजे में खर्च की गयी है। बताया कि सोलह गांवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए 326 करोड़ की परियोजना में 150 करोड़ रुपये किसानों को मुआवजे के रूप में खर्च किये गये हैं। तो वहीं उक्त परियोजना से 1.00 एमसीएम पानी क्षेत्रीय जनता को पीने के लिए आरक्षित किया गया है, जिससे लगभग 25 हजार ग्रामीण लाभान्वित हो सकेंगे।