ललितपुर

उर्द खरीद केन्द्र निरीक्षण के दौरान केन्द्र पर अनेक अनियमितताएं मिलीं

ललितपुर। जिलाधिकारी, ललितपुर मानवेन्द्र सिंह ने अमरपुर मंडी स्थित पी0सी0एफ0 उर्द खरीद केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केन्द्र पर अनेक अनियमितताएं मिलीं, जैसे उर्द बेचने वाले कृषकों के सम्बंध में कोई पंजीकरण रजिस्टर इत्यादि का रखरखाव भी उचित ढंग से नहीं किया गया था। इस दौरान केन्द्र पर 18 ट्रैक्टरों को चिन्हित किया गया जिन पर रजिस्ट्रेशन नम्बर भी नहीं था। उन ट्रैक्टरों पर में जिस प्रकार बोरे रखे हुये थे, ऐसे बोरे कृषकों के पास नहीं होते हैं। रखे हुये बोरे एक  नाम व गुणवत्ता के थे, जिन्हें ट्रैक्टरों पर करीने से रखा गया था, जिनकों निपुण पल्लेदारों द्वारा ही रखा जा सकता है।जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी,योगेन्द्र बहादुर सिंह ने मड़ावरा मंडी स्थित क्रय केन्द्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय केन्द्र पर खड़े ट्रैक्टरों की जांच की गई, जिसमें से 05 ट्रैक्टर ऐसे पाए गये, जिन पर कोई कृषक मौजूद नहीं था, जिससे स्पष्ट होता है कि इन ट्रैक्टरों में भरा उर्द व्यापारियों का था, जिनके विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। इससे स्पष्ट होता है कि जनपद में स्थापित क्रय केन्द्रों पर जो माल क्रय किया जा रहा है वह किसानों का न होकर व्यापारियों का ही क्रय किया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि जिला प्रबंधक, पी0सी0एफ0 दिव्यांशु वर्मा द्वारा व्यापारियों से मिलीभगत करके क्रय केन्द्रों पर उनका माल क्रय करवाया जा रहा है तथा व्यापारियों द्वारा की जा रही खरीद कार्य में जिला प्रबंधक, पी0सी0एफ0 की संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है, जो अत्यन्त खेदजनक है। उक्त प्रकरण के सम्बंध में अपर जिलाधिकारी ने जिला प्रबंधक, पी0सी0एफ0 से स्पष्टीकरण तलब किया है, साथ ही उक्त के द्वारा शासन के निर्देशानुसार कार्य न किये जाने के सम्बंध में उच्चाधिकारियों को कार्यवाही करने हेतु अवगत कराने की चेतावनी भी दी है। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त जिलाधिकारियों/तहसीलदारों, सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता एवं जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे जिलाधिकारी  के निर्देशों के अनुपालन में अपने अपने क्षेत्रांतर्गत स्थापित क्रय केन्दों का औचक निरीक्षण कर प्रभावी प्रवर्तन करते हुए निरीक्षण करना सुनिश्चित करें तथा कोई भी अनियमितता या विपरीत तथ्य प्रकाश में आने पर सम्बंधित के विरुद्ध नियमानुसार वैद्यानिक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।