बुन्देलखण्ड ललितपुर

करुणा क्लबों से रोके जा सकते हैं कत्लखानें

ललितपुर। भारतीय जीव जन्तू कल्याण बोर्ड से मान्यता प्राप्त एवं करुणा इंटरनेशनल चेन्नई द्वारा नगर के करीब पैंतीस विद्यालयों में संचालित करुणा क्लब का गठन किया गया। करुणा क्लब की वार्षिक गतिविधियों को संचालित कराने के उद्देश्य से करूणा क्लब प्रभारियों का एक दिवसीय मानवीय शिक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चांदमारी रोड स्थित एक जूनियर हाईस्कूल में नेहरु महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो.भगवत नारायण शर्मा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजित जैन एड.ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रुप में करुणा इंटरनेशनल चेन्नई के राष्ट्रीय प्रचारक अजित जैन रहे। कार्यक्रम के पूर्व में अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र का अनावरण किया व चित्र के समक्ष द्वीप प्रज्जवलित किया। विद्यालय के बच्चों ने करूणा प्रार्थना मैत्री भाव का पवित्र झरना मेरे ह्रदय में वहा करे प्रस्तुत की। प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में नगर के विद्यालयों से आये हुए शिक्षक व शिक्षिकाओं को करुणा क्लब की गतिविधियों से अवगत कराया गया। इस दौरान करुणा इंटरनेशनल चेन्नई के राष्ट्रीय प्रचारक व मुख्य वक्ता अजित जैन ने कहा कि करुणा क्लब का मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों को उनके विद्यार्थी जीवन से ही उनके मन में करूणा, जीवदया, अहिंसा, शाकाहार, पर्यावरण संरक्षण, पशु-पक्षियों, माता-पिता की सेवा की सेवा जैसे गुणों को विकसित करना है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है कि बच्चों को करुणावान कैसे बनाया जा सकता है। शिक्षक ही इस अभियान को आगे बढा सकते हैं। उन्होंने शिक्षक व शिक्षिकाओं से आह्वान किया कि बच्चे तो मिट्टी के कच्चे घडें के समान हैं उन्हें जिस तरह का बनाया जाऐ वह वैसे ही बन जाते हैं। हमें इन नन्हें-मुन्हें बच्चों को करूणावान बनाना है।करुणा क्लबों के माध्यम से कत्लखानों को भी रोका जा सकता है। डा.सुनील जैन ने कहा कि हमारा देश पुन:अध्यात्मबाद की ओर लौटें। हम बच्चों को पौराणिक कथाओं के द्वारा जागरुक कर सकते हैं।हम बच्चों को जागरूक करें कि पशु-पक्षी हमारे एक मित्र की तरह ही हैं। करुणा केंद्र ललितपुर के संरक्षक जयशंकर प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि विद्याथियों के बालमन में प्राणीमात्र के प्रति प्रेम व अहिंसा आपसी सौहार्द, नैतिकता, व्यसन मुक्ति, देशभक्ति जैसे मानवीय मूल्यों की स्थापना करें जिससे वह भारतीय संविधान की धारा 51 ए (जी) के अनुसार अपने मूलभूत कर्तव्यों के प्रति जागरुक होकर सुनागरिक बन सकें। जैन शिक्षक सामाजिक समूह के महामंत्री शीलचंद्र शास्त्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमें बच्चों को जागरुक करना होगा। उन्हें पर्यावरण संरक्षण अभियान में सहभागी अवश्य बनायें। विद्यालय में करुणा क्लब की गतिविधियों के माध्यम से उनमें हम करुणा, जीवदया, स्वच्छता की भावना को जागृत कर सकते हैं। कोषाध्यक्ष अक्षय अलया ने कहा कि करुणा क्लबों के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक किया जा सकता है। करूणा क्लबों के द्वारा बच्चे संस्कारवान भी बन रहे हैं। राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि मैं अपने विद्यालय में करुणा क्लब की गतिविधियों को सुचारू रुप से संचालित करवाकर बच्चों को करुणा के प्रति जागरूक बनाऊंगा। मुख्य अतिथि प्रो.भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि जब एक ओर शिक्षातंत्र जो इस समय सिर के बल खडा है उसे फिर से सीधा खडा करने के लिए करुणा और ममता का संचार करने की महती आवश्यकता है।