बुन्देलखण्ड ललितपुर

शास्त्र और संस्कारों की बदौलत भारत जगदगुरू रहा : डा.शास्त्री

ललितपुर। नगर के पुलिस लाइन स्थित सुप्रसिद्ध मुक्ति धाम मंदिर में नवरात्रि के पावन अवसर पर चल रहे श्रीमद् भग्वत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन संस्कृत के सुप्रसिद्ध विद्वान डा.ओमप्रकाश शास्त्री ने श्रृद्धालु जनमानस को सम्बोधित करते हुए कहा कि भगवत, रामायण, गीता जैसे धर्म ग्रन्थों में संसार के हर दुख का समाधान निहित हैं। भारतीय संस्कृति धर्म प्रधान संस्कृति है। हमारे पूर्वजों ने समाज को व्यवस्थित करने के लिये धर्म आधारित जीवन शैली का प्रतिपादन किया हैं। उन्होंने कहा कि शास्त्र और संस्कारों की बदौलत भारत विश्व में जगद् गुरू की महिमा से मण्डित रहा है ज्ञान, भक्ति एवं कर्म ही यहाँ के महान पुरूषों के जीवन का ध्येय रहा हैं। डा.शास्त्री ने कहा कि आज का मानव ईश्वरीय नियमों के विपरीत आचरण कर विनाश की ओर जा रहा है उन्होंने कहा कि अभी कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष है। अभी मात्र 5 हजार 120 वर्ष बीते हैं कलियुग में घोर अत्याचार बढ़ेगे। अन्त कलिक भगवान अवतार लेकर विश्व को विनाशकारी विभीषिका से बचाकर पुन: धर्म की स्थापना करेगें।