राष्ट्रीय

स्वस्थ बचपन सशक्त बुंदेलखंड , देश की समृद्धि का आधार – ओ. पी. रावत

नई दिल्ली। माता पिता की अज्ञानता, रीति रिवाज, कुरीतियों और व्यस्तताओं के चलते बच्चों की उचित देखभाल और परवरिश न होने से बच्चे शारीरिक और मानसिक तौर पर कमजोर न हों यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक दायित्व है और इस पर ध्यान देना सबसे अधिक आवश्यक है। एक सशक्त नई पीढ़ी ही परिवार, समाज और देश के स्वर्णिम भविष्य का आधार है। श्री ओ. पी. रावत, माननीय पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने बतौर मुख्य अतिथि बुंदेलखंड की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित बुंदेलखंड विकास परिचर्चा में यह बात अपने उद्बोधन में कही। उन्होंने बुंदेलखंड के विकास के संदर्भ में यह भी कहा कि बुंदेलखंड में विकास की आवश्यकताओं में शिक्षा, स्वास्थ, कौशल विकास, ओद्योगीकरण, राजमार्गों, भवनों के निर्माण के अलावा एक शक्तिशाली पीढ़ी का निर्माण भी बहुत जरूरी है जो सशक्त बुंदेलखंड ,देश की समृद्धि का आधार। दिल्ली में भारत माता मंदिर प्रांगण में भारत माता दर्शन के साथ आयोजित विकास की इस विशेष परिचर्चा के संचालक सीए आदीश कुमार जैन, राष्ट्रीय संयोजक, बुंदेलखंड विकास परिषद ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को अपने प्रस्तावित कार्यों का मैनिफेस्टो भेंट करते हुए कहा कि उनके विचारों को वे अपने मैनिफेस्टो में भी लेकर आएंगे और और श्री रावत जी के विचारों के अनुरूप स्वस्थ व सशक्त पीढ़ी के निर्माण का दायित्व भी सब मिल कर निभाएंगे। बुंदेलखंड विकास परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री पं. अवधेश कुमार चौबे, कार्याध्यक्ष अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति परिषद ने बताया कि बुंदेलखंड में बच्चों की पाठ्यक्रम में रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीण प्रतिभा खोज के परिषद के कार्यक्रम चल रहे हैं, अब वे बच्चों की देखभाल संबंधी जागरूकता अभियान भी लागू करने के प्रयास करेंगे। इस अवसर पर परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष विनय खरे ने आर्थिक समृद्धि के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकताओं पर जोर देते हुए ड्राई एयरपोर्ट और ट्रांसपोर्टेशन हब जैसी योजनाओं के किर्यान्वन हेतु अपील की जिससे बुंदेलखंड में व्यापार के विकास के साथ साथ लाखों लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ें। इससे पूर्व विशिष्ट अतिथि योगेंद्र करेले, परिषद के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने फिक्की की तर्ज पर बिक्की, बुंदेलखंड इंडियन चौम्बर्स ऑफ कॉमर्स एन्ड इंडस्ट्रीज, का भी प्रस्ताव दिया। लोकप्रिय महान बुन्देली कवि ईसुरी के वंशज कृष्ण कुमार दीक्षित ने बुन्देली साहित्य के इतिहास और बुन्देली भाषा की ऐतहासिक पृष्ठभूमि पर कई प्रामाणिक दस्तावेजों की जानकारी दी।अखिल भारतीय साहित्य एवं संस्कृति परिषद के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सीए आदीश कुमार जैन और कार्याध्यक्ष अवधेश कुमार चौबे ने बताया कि बुन्देली भाषा को संविधान के आठवें अनुच्छेद में शामिल करने के उनके प्रयासों को बुन्देली भाषा की ऐतहासिक पृष्ठभूमि मिलने से काफी मदद मिलेगी। तकनीकी सलाहकार बृजेश शर्मा ने बुंदेलखंड में महुआ की व्यर्थ हो रही पैदावार को एथनॉल उत्पादन से उपयोगी बनाने के बारे में और बरगद एनजीओ के निदेशक हरदयाल कुशवाहा ने कौशल विकास से विकास पर अपने कार्य व भविष्य की संभावनाएं प्रस्तुत कीं। बुंदेलखंड उत्सव समिति के निदेशक राजन धमेरिया, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय बसोर समाज ने कहा कि दिल्ली में हर बुन्देली उत्सव मनाएं, बुन्देलखंड मजदूर अधिकार संगठन के राकेश कुमार ने पलायन और मजदूरों की समस्याओं के समाधान सुझाये। बुंदेलखंड विकास परिषद के कार्याध्यक्ष प्रदीप जैन, फिल्म निर्माता, कवि, साहित्यकार, भारत माता फाउंडेशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, नेशनल एक्सप्रेस ग्रुप के चेयरमैन विपिन गुप्ता ने व सभी उपस्थित संस्थाओं के पदाधिकारियों ने माननीय ओ पी रावत जी का सम्मान किया। विकास के संबंध में इंसार न्यूजमीडिया के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष गोपाल राजपूत करन से बातचीत करते हुए रावत जी ने कहा कि कोई चीज केवल मांगने से ही काम नहीं बनता, जो हम चाहते हैं उसके लिए अपनी क्षमता बनाना भी जरूरी है।