ललितपुर

सिद्धपीठ चण्डी मंदिर धाम पर हुआ ध्वजरोहण कार्यक्रम

ललितपुर-नवसंवत्सर/चैत्र नवरात्रि के अवसर  सिद्धपीठ चण्डी मंदिर धाम पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।ध्वजारोहण चण्डीपीठाधीश्वराचार्य,महामण्डलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने किया।इसके पूर्व ध्वज पूजन किया गया व पचांग सुनाया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनंतविभूषित,चण्डीपीठाधीश्वराचार्य,महामण्डलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने कहाकि नवसंवत्सर सृष्टि की रचना का दिवस हैं।आज ही विक्रम संवत 2076 के पहले दिन से हिन्दू नव-वर्ष का आरंभ हो रहा है. हिंदू नव वर्ष या भारतीय नव वर्ष का प्रारंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। इसे हिंदू नव संवत्सर या नव संवत या विक्रम संवत कहते हैं। शक्ति की देवी माँ दुर्गा की आराधना का ‘नवरात्र’ भी आज से ही प्रारम्भ होता है. ऐसी मान्यता है कि जगत की सृष्टि की घड़ी (समय) यही है। इस दिन भगवान ब्रह्मा द्वारा सृष्टि की रचना हुई तथा युगों में प्रथम सत्ययुग का प्रारंभ हुआ।नववर्ष के आरम्भ का स्वागत करने की मानव प्रवृत्ति उस आनन्द की अनुभूति से जुड़ी हुई है जो बारिश की पहली फुहार के स्पर्श पर, प्रथम पल्लव के जन्म पर, नव प्रभात के स्वागतार्थ पक्षी के प्रथम गान पर या फिर हिम शैल से जन्मी नन्हीं जलधारा की संगीत तरंगों से प्रस्फुटित होती है। विभिन्न विश्व संस्कृतियाँ इसे अपनी-अपनी कैलेण्डर प्रणाली के अनुसार मनाती हैं।उन्होंने इस पर्व की सभी को शुभकामनाएँ दी।इस दौरान सरदार बी के सिंह,लखनलाल रावत,राजीव बबेले,ज्योति सिंह लोधी,राजेश यादव,दीपक सोनी,राजेश दुबे,देवेन्द्र ठाकुर,अनूप मोदी, सतेन्द्र प्रताप सिंह सिसौदिया,राहुल शुक्ला,अश्वनी पुरोहित,लखन यादव,कल्याण सिंह आदि उपस्थित रहें।