बुन्देलखण्ड ललितपुर

किसानों को नोटिस जारी करने व मुकद्दमा लिखाने पर डीएम हुये सख्त

ललितपुर। अधिवक्ताओं का एक शिष्ट मण्डल वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह से जिमन-3 के किसानों के उत्पीडऩ के सम्बन्ध में मिला। प्रकरण यह है कि 26 अक्टूबर 2013 को उच्च न्यायालय ने आदेश करके जिला प्रशासन से शपथ पत्र पर जबाव देने का आदेश दिया था कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में आदेश 3 जनवरी 2013 के अनुपालन में अब तक राज्य सरकार व जिला प्रशासन ने क्या कार्यवाही की। इस पर जिला प्रशासन की ओर से शपथ दाखिल कर यह जबाव दिया गया कि तालबेहट तहसील में कुछ किसानों को असंक्रमणीय भूमिधर बनाने की कार्यवाही की जायेगी, परन्तु हाईकोर्ट के इस आदेश की आड़ में न्यायालय परगनाधिकारी द्वारा मुकद्दमें कायम किये जा रहे हैं और किसानों को नोटिस जारी किये गये हैं। इतना ही नहीं लगातार नोटिस जारी किये जा रहे हैं, जिसमें किसानों को यह लिखित रूप से जबावदावा देना होगा कि वह किस आधार पर असंक्रमणीय भूमिधर के अधिकार पाने योग्य है तथा साक्ष्य भी देना होगा। पैनल लाईजर डीजीसी सरकार की ओर से पैरवी करेंगे और किसान भी अधिवक्ताओं के माध्यम से पैरवी करने को विवश होंगे। अधिवक्ताओं ने मांग उठायी कि इस प्रक्रिया में किसानों का भारी उत्पीडऩ होगा तथा कई प्रकार की लूट होगी। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय एवं प्रदेश सरकार ने ऐसी प्रक्रिया अपनाने का कोई आदेश व निर्देश नहीं दिया है।