ललितपुर

डीएम द्वारा गौवंश आश्रय स्थल कल्याणपुरा के प्रबंध की समीक्षा

ललितपुर। गौवंश आश्रय स्थल कल्यानपुरा में गौवंश संरक्षण एवं उनके प्रबंधन सम्बंधी बैठक आहूत की गई। जिलाधिकारी ने आश्रय स्थल में बनने वाले वर्मी कम्पोस्ड के निर्माण कार्य के बारे में  पूछा, जिस पर  जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्मी कम्पोस्ड शैड का निर्माण कार्य ग्राम प्रधान कल्यानपुरा द्वारा करवाया जा रहा है, जो कि लगभग 08 दिन में पूरा हो जाएगा। इसके बाद जिलाधिकारी ने वर्मी वॉस पिट्स पर छतरी के निर्माण के बारे में पूछताछ की, जिस पर खण्ड विकास अधिकारी बिरधा द्वारा बताया गया कि छतरी का निर्माण कार्य जारी है, अगले सप्ताह तक कार्य पूर्ण हो जाएगा। जिलाधिकारी ने भूसा भण्डारण हेतु निर्मित भूसा गोदाम के बारे में पूछा तो अधि0 अधि0 न0पं0महरौनी मधुसूदन जायसवाल ने अवगत कराया कि इस कार्य में मजदूरों की समस्या आ रही है, इस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को उक्त कार्य में सहयोग हेतु निर्देशित किया, साथ ही उन्होंने कहा कि भूसा गोदाम निर्माण का कार्य 15 अपै्रल तक पूर्ण करा लिया जाये। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से नैपियर जड़ों की प्रगति के बारे में जानकारी ली, जिस पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने अवगत कराया कि लगभग ढाई हैक्टेयर क्षेत्रफल में जड़े रोपित की जा चुकी हैं। इस समय मजदूरों की समस्या के कारण कार्य कम हो पा रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने 20 हैक्टेयर क्षेत्रफल में कार्ययोजना बनाकर नैपियर जड़े रोपित करने हेतु निर्देशित किया। इसी दौरान ग्राम प्रधान कल्यानपुरा द्वारा अवगत कराया गया कि तालाब की तरफ जो विद्युत पोल लगाये गए हैं, उन पर तार नहीं लगाये गए हैं, जिससे तालाब में पनडुब्बी डालकर सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियंता विद्युत को यह कार्य शीघ्र पूर्ण कराने हेतु निर्देशित किया गया। माह अपै्रल तक 20 हैक्टेयर क्षेत्रफल में नैपियर घास की जड़े लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनकी सिंचाई हेतु जिलाधिकारी द्वारा राजेश साहू को स्प्रिंकलर के माध्यम से सिंचाई का जिम्मा सौंपा गया। उन्होंने कहा कि कुछ एजेन्सी से सम्पर्क कर इस कार्य में सहयोग करें। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान कल्यानपुरा एवं खण्ड विकास अधिकारी बिरधा को आश्रय स्थल की मेड़ों एवं सुरक्षा खाई पर सहजन के पेड़ लगवाने हेतु निर्देशित किया। इसी दौरान जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि आश्रय स्थल में 2 हैक्टेयर के तालाब में जो पानी भरा गया था, वह अब सूखने लगा है, इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि वह अधिशाषी अभियंता सिंचाई से सम्पर्क कर पुनः तालाब भरवाना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित समस्त ग्राम प्रधानों को निर्देश दिये कि वे गौवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गौवंश के भरण-पोषण के लिए अधिक से अधिक मात्रा में भूसा इकट्ठा करने में सहयोग करें ताकि गौवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा उपलब्ध रहे। इसके उपरान्त गौवंश संरक्षण एवं नस्ल सुधार समिति की उपाध्यक्ष एवं आजीवन सदस्या सुश्री रुचिका बुन्देला ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि अमझरा घाटी से सम्बंधित समस्त ग्राम प्रधानों एवं स्वयंसेवी लोगों प्रोत्साहित करने हेतु एक बैठक बुलवायी जाये, जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को इस सप्ताह बैठक के आयोजन से सम्बंधित कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए। साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि आश्रय स्थल में संरक्षित गौवंशों की स्वास्थ्य सम्बंधी व्यवस्था, टीकाकरण एवं नर गौवंशों का बधियाकरण में किसी भी प्रकार की कमी न की जाये, नियमित रुप से गौवंशों की स्वास्थ्य की समीक्षा करते रहें। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 एस0के0शाक्य, अधि0अधि0 महरौनी मधुसूदन जायसवाल, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह, अधि0 अभि0 विद्युत आकाश सचान, अधि0अभि0 सी0एल0 डी0एफ0 रामेश्वर प्रसाद, भूमि संरक्षण अधिकारी, डॉ0 राम औतार, खण्ड विकास अधिकारी बिरधा सुनील कुमार, अध्यक्ष गौवंश संरक्षण एवं नस्ल सुधार समिति कल्यानपुरा उदल सिंह, उपाध्यक्ष रुचिका बुन्देला, समिति के आजीवन सदस्य एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।