ललितपुर

डीएम ने किया दावनी-घटवार का निरीक्षण, ग्राम विकास अधिकारी निलम्बित, प्रधान पर एफआईआर के आदेश

ललितपुर। जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह द्वारा विकासखण्ड जखौरा में ग्राम पंचायत दावनी एवं घटवार में निर्माणाधीन व्यक्तिगत शौचालयों एवं एल0ओ0बी0 शौचालयों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार, जिला परियोजना समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) सुश्री तबस्सुम, व श्रीमती शेल्वीना, जिला परियोजना समन्वयक उपस्थित रहीं । ग्राम दावनी (विकासखण्ड-जखौरा) के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस ग्राम की बेसलाईन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत अंकित 313 लाभार्थियों के सापेक्ष 113 की जियो टैगिंग अवशेष है, जिसमें से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अर्न्तगत 56 शौचालय एवं मनरेगा व आवास की 57 शौचालयों की जियोटैगिंग अवशेष है। ग्राम में शौचालय निर्माण हेतु धनराशि अवमुक्त हुये 10 माह से भी अधिक हो गये हैं। जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में प्रधान को मोबाईल पर वार्ता कर शौचालयों का निर्माण अतिशीघ्रपूर्ण कराने के निर्देश दिये गये थे, किन्तु अभी तक सुधार नहीं हुआ है। श्रीमती मुन्नी, ललता, दिलीप कुमार, बाबुलाल पुत्र बुददे, राकेश पुत्र रक्खी आदि ग्रामवासियों द्वारा ग्राम प्रधान के विरुद्ध शिकायत की गई कि प्रधान द्वारा पूर्व में गड्ढे खोदने के लिये कहा गया था, गड्ढे खोदकर तैयार कर लिये जाने के उपरान्त शौचालय स्वीकृत नहीं होने की बात कहकर गड्ढे ढकवा दिये गये। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया, पाया गया कि शिकायतकर्ताओं के घर में गढ्ढे खुदे पाये गये। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर शौचालयों का निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि लाभार्थी श्रीमती रतीबाई पत्नी हरचन्दी के शौचालय की पानी की टंकी मानक अनुसार नहीं बनाई गई। जंक्शन चैम्बर व गड्ढों को मिट्टी से ब्वअमतक नहीं किया गया है। इसके अलावा इस ग्राम में एल0ओ0बी0 के अन्तर्गत 171 शौचालयों की धनराशि अवमुक्त की गई थी, जिसके सापेक्ष 63 शौचालयों की जियोटैगिंग की जा चुकी है। विगत 10 माह पूर्व से धनराशि अवमुक्त किये जाने के वावजूद भी लाभार्थियों को धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई ग्राम दावनी में शौचालय निर्माण हेतु जिन लाभार्थियों को धनराशि दिया जाना शेष है, उनके चैक आज ही लाभार्थियों को हस्तगत कराकर अवगत कराये जाने के निर्देश दिये गये। डीएम द्वारा निर्देशित किये जाने के उपरान्त भी ग्राम विकास अधिकारी ब्रहमकुमार रिछारिया तथा ग्राम प्रधान श्रीमती राधिका यादव द्वारा कार्य में रुचि नहीं ली गई तथा लाभार्थियों को वांछित धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई। मौके पर ग्रामवासियों द्वारा जो शिकायतें की गई, जो जांच में पुष्ट पाई गई। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए जिलाधिकारी ने ग्राम विकास अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किये जाने तथा ग्राम प्रधान के विरुद्ध शासन की मंशा के अनुरुप लाभार्थियों को धनराशि उपलब्ध नहीं कराये जाने, अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किये जाने, ग्रामवासियों के अनावश्यक गढ्ढे खुदवाये जाकर धोखाधड़ी किये जाने के लिए तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिये। साथ ही जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया कि एल0ओ0बी0 के अन्तर्गत निर्मित किये जाने वाले सभी व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कार्य 15 दिवस में अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाये तथा शौचालय निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट एक सप्ताह में उपलब्ध करा दी जाये। ग्राम घटवार, विकास खण्ड जखौरा के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस ग्राम में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अर्न्तगत कुल 06 शौचालय जियो टैगिंग हेतु अवशेष पाये गये। जिनमें से एक लाभार्थी (सीताराम पुत्र रज्जू) का नाम सूची में दो बार अंकित है। ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीमती अलका कुशवाहा द्वारा बताया गया कि ग्राम में 03 शौचालय निर्माणाधीन हैं तथा 03 शौचालय पूर्ण हैं, जिनकी जियोटैगिंग होना शेष है। ग्राम में एल0ओ0बी0 के अर्न्तगत कुल 106 लाभार्थियों को शौचालयों के निर्माण हेतु धनराशि दी गई है, जिसके सापेक्ष मात्र 13 शौचालयों की जियो टैगिंग की जा चुकी है। अवशेष शौचालयों में से मात्र 02 शौचालयों पर निर्माण कार्य होता पाया गया। मौके पर जिलाधिकारी द्वारा शौचालयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि दौलत पुत्र भगुन्ते के शौचालय में रोशनदान नहीं बना है, पानी की टंकी मानक अनुसार नहीं पाया गया, एक गड्ढा बनाया जाना शेष है। मोहन पुत्र भगुन्ते के शौचालय में रोशनदान नहीं बना है। शौचालय ऐसे स्थान पर बनाया गया है जहां पर दरवाजा नहीं खुल रहा था। श्रीमती राजाबेटी पत्नी राकेशः शौचालय पूर्ण पाया गया, किन्तु पानी की टंकी मानक के अनुसार नहीं बनाई गई है। गड्ढों व जंक्शन चैम्बर पर मिट्टी से ढकना शेष पाया गया। निरीक्षण के समय मौके पर ग्राम प्रधान शशिकान्त दीक्षित, सचिव ग्राम पंचायत श्रीमती अलका कुशवाहा एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गए कि अवशेष शौचालयों का निर्माण समयार्न्तगत मार्च के अन्त तक पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाये।