ललितपुर

गौवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थायें दुरुस्त रखें अधिकारी-डीएम

ललितपुर। निराश्रित एवं बेसहारा गोवंश की समस्या से निजात पाने हेतु जनपद ललितपुर में संचालित अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों पर संरक्षित किये जा रहे गोवंश के भरण पोषण व अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में आये हुये प्रतिभागियों का स्वागत मुख्य पशुचिकित्साधिकारी द्वारा किया गया तथा जिलाधिकारी की अनुमति से बैठक की कार्यवाही प्रारंभ की गई। सर्वप्रथम जिलाधिकारी ने गोवंश आश्रय स्थलो पर 2/3 भाग में हरा चारा उगाने हेतु वनायी गई कार्ययोजना के बारे में जव पूछा तो खण्ड विकास अधिकारी विरधा ने अवगत कराया कि दुधई डुगरिया में 10 एकड़ भूमि पर चारा बीज वोने हेतु जमीन चिन्हित कर आगणन तैयार करा लिया है। इसी प्रकार डगडगी में भी कार्य योजना वना ली गई है। कारी पहाड़ी में 40 एकड़ भूमि पर चारा बीज उगाने हेतु आगणन तैयार कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गोवंश आश्रय स्थलों के पास पड़ी हुई चारागाहों की जमीनों को इसी प्रकार चारा उगाने हेतु विकसित किया जाये जिससे निकट भविष्य में हरे चारे की उपलब्धता निरंतर बनी रहे। इस प्रकार गंगचारी में 10 एकड़ भूमि को तैयार कराया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में दिये गये निर्देशो के क्रम में गोंवश आश्रय स्थल पर भूसा गोदाम वनाये जाने की बारे में जव पूछा गया तो सभी खण्ड विकास अधिकारियों ने अवगत कराया कि उसका आगणन तैयार कर लिया गया है तथा शीध्र ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा है। सड़क पर अथवा खेतों पर आवारा धूम रहे गोवंश को तुरन्त गोवंश आश्रय स्थलों में प्रवेश कराने हेतु जिलाधिकारी द्वारा सभी खण्ड विकास अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियो को निर्देशित किया गया। प्रत्येक गोवंश आश्रय स्थल पर दो-दो शैड मनरेगा योजना से वनवाये जाने की प्रगति के बारे में जव जिलाधिकारी ने पूछा तो सभी खण्ड विकास अधिकारियों ने अवगत कराया कि रू0 3लाख 97 हजार का शैड बनेगा इसका आगणन तैयार कर लिया गया है तथा निर्माण कार्य शीध शुरू कराया जा रहा है। गोवंश आश्रय स्थल कल्यानपुरा में शैड नही बनाये जायेगे। जिलाधिकारी ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर एक-एक चौकीदार की व्यवस्था की जाये जो हमेशा वहां पर मौजूद रहेगा तथा जिन गोवंश आश्रय स्थलों के गोवंश को चराने की व्यवस्था बाहर है तो वहां पर चरवाहों की व्यवस्था की जाये जोकि प्रात: सभी गोवंश को चराने हेतु ले जायेगा तथा शाम को सभी गोवंश वापस आयेगे तथा चरवाहे दिन में ंगोवंश के साथ ही रहेगें। जिलाधिकरी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व ग्रामों में भूसा बैंक खोलकर वहां के किसानो से एक-एक कुंतल भूसा दान में लेकर उन भूसा बैंकों में संरक्षित किया जाये। फसल अवशेष खेतो में जलाये जाने हेतु कृषकों को जागरूक किया जाये तथा न मानने पर एन0जी0टी0 द्वारा दिये गये निर्देशानुसार कार्यवाही की जाये तथा उसकी सूचना जिलाधिकारी को देने हेतु सभी उपजिलाधिकारियों एवं उपकृषि निदेशक को निर्देशित किया गया। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 ललितपुर ने कृषको से पर्यावरणीय क्षति हेतु जुर्माना वसूले जाने हेतु नियमानुसार जनपद स्तरीय कार्यकारी समिति के अनुमोदन के उपरान्त -पर्यावरणीय क्षति पूर्ति हेतु प्रतिकर की वसूली में जमा की जाये। उपकृषि निदेशक को यह पूरा शासनादेश पढकर अग्रिम कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिवो को निर्देशित करे कि यदि उनके क्षेत्र में कही भी फसल अवशेष जलाने की यदि सूचना प्राप्त होती है तो जुर्माने की धनराशि आप लोगो से वसूल की जायेगी। नगर पंचायत तालवेहट के अधिशाषी अधिकारी ने मांग की कि कान्हा गोशाला तालवेहट में संरक्षित गोवंश में मादा गोवंश के गर्भाधान हेतु एक तरल नत्रजन कन्टेनर उपलब्ध कराया जाये। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को तुरन्त कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। अन्त में जिलाधिकारी ने सभी गोवंश आश्रय स्थलो की व्यवस्था दुरूस्त रखने हेतु निर्देशित किया तथा यदि किसी भी स्तर से ढिलाई की सूचना प्राप्त होती है तो कड़ी से कडी कार्यवाही की जायेगी।