ललितपुर

पेशाबघरों में नहीं हो रही साफ-सफाई

मड़ावरा(ललितपुर)। शासन की मंशानुरूप ग्रामपंचायतों द्वारा खुद को स्वच्छ होने का खूब ढोल पीटा जा रहा हो लेकिन तमाम ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन की वास्तविक हकीकत कुक और ही है। ब्लॉक मुख्यालय समेत तहसील  का दर्जा पा चुकी मड़ावरा ग्राम पंचायत में भी स्वच्छ्ता का आलम अलग नहीं दिख रहा साफ दावे हवा-हवाई नजर आ रहे हैं। कस्बे में सड़कों, गलियों नालियों समेत पेशाबघरों में गंदगी का साम्राज्य व्याप्त है। जबकि स्वच्छता अभियान एवं प्राइवेट सफाई कर्मियों के मानदेय पर लाखों रुपये ग्रामपंचायत द्वारा खर्च किया जा रहा है। कस्बे में वर्षों से चोक पड़ी नालियों में बजबजाती गंदगी से उठती दुर्गंध से ग्रामीणों का बुरा हाल है तो वहीं नालियों में पलते मच्छरों जीना दूभर कर दिया है। वहीं कस्बे में सब्जी मंडी रोड पर स्थित एकमात्र सक्रिय पेशाबघर और जूनियर हाईस्कूल के पास स्थित पेशाबघर में पसरी गंदगी स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोलता नजर आ रहा है। कस्बे के अधिकतर पेशाबघर पर्याप्त सफाई के अभाव में अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहे हैं।  गौरतलब है मड़ावरा कस्बे में मुख्य सड़क के दोनों और स्थित नालियां की वर्षों से साफ-सफाई नहीं करायी गयी है जिसके चलते नालियाँ गंदगी से बजबजा रही हैं। नालियों की सफाई नहीं होने से बारिश के मौसम में तो हालात बद से बदतर हो जाते हैं, नालियों से निकलने वाला कीचड़ और गंदगी सड़क पर होकर बहती है। सड़कों पर बहती गंदगी और दुर्गंध से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप पिछले कई वर्षों से कस्बे में नालियों की सफ़ाई नहीं करायी गयी है और कुछ खास स्थानों के अलावा अन्य सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, मोहल्लों में साफ- सफाई नहीं करायी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से माँग की है कि कस्बे में नालियों समेत सार्वजनिक पेशाबघरों में नियमित साफ-सफाई करायी जाये।