ललितपुर

चित्रों के माध्यम से बच्चों ने गौरैया संरक्षण का दिया संदेश

ललितपुर। 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस को मनाये जाने की तैयारी चल रही है वहीं बच्चों ने भी गौरैया के चित्रों को बनाकर गौरैया रानी को अपने अंगना में बुलाने की पुकार लगाई है।नन्हें -मुन्हें बच्चों ने भी गौरैया संरक्षण की कमान सभालने का संकल्प लिया।बच्चों ने गौरैया का चित्र बनाकर चित्रों के माध्यम से गौरैया पक्षी के घरौंदों को वृक्षों व घरों पर दर्शाया है।जिस गौरैया की आवाज आज हमें दूर-दूर तक सुनाई नहीं देती थी वह आज कानों में गूजने लगी है।एक दिन अवश्य ही आयेगा जब गौरैया हमसे दूर नहीं जायेगीं।बच्चों ने संकल्प लिया कि हम भी गौरैया पक्षी के संरक्षण में अपना पूर्ण सहयोग देंगें।स्याद्वाद वर्णी इंटर कालेज गदयाना में कक्षा नवमीं में अध्ययनरत छात्र जितेंद्र चंदेल का कहना है कि मैंने गौरैया पक्षी को आसमान में उडते हुए बहुत ही कम देखा है क्योंकि गौरैया पक्षी का अस्तित्व बहुत कम हो चुका है।।छात्र मोहित विश्वकर्मा व कक्षा छठवीं के छात्र अजय झां ने बताया कि मैंने शिक्षक पुष्पेंद्र जैन से प्रेरणा पाकर अपने विद्यालय में एक घौंसला स्वयं बनाकर विद्यालय की दीवार पर लगाया उसी समय से बराबर गौरैया हमारे उस घौंसले में आकर के बैठती है उसकी जो चीं चीं की आवाज हम बच्चों के कानों में गूंजती है वह बडी ही मधुर व सुरीली आवाज मन को प्रफुल्लित कर जाती है।गौरैया के जोडें को देखकर मैंने इस आकृति को बनाकर अपने ही जैसे बच्चों से मैं अपील करता हूं कि गौरैया पक्षी को बचाना है तो उसका संरक्षण करना बहुत ही आवश्यक है।आप भी अपने विद्यालय व घर में गौरैया का एक घौसला अवश्य लगायें जिससे हमारी नन्हीं सी प्यारी गौरैया का संरक्षण हो सके और हमारे कानों में चीं चीं की आवाज फिर से सुनाई दे सके।