ललितपुर

बाबा साहब का परिनिर्वाण दिवस मनाया

ललितपुर। दीपचन्द्र चौधरी महाविद्यालय एवं विद्यासागर कन्या महाविद्यालय के संयुक्त समाधान में स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री, संविधानविद डॉ भीमराव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुये संस्था के संस्थापक प्रबंधक कमलेश चौधरी ने कहा कि समता और न्याय आधारित संविधान निर्माता डॉ अम्बेडकर आधुनिक भारत के सच्चे वास्तुकार थे। सीनियर प्रो भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि बौद्ध धर्म अपनाने के कारण वे बाबा साहब कहलाये। भारतीय धर्म साधना में भगवान बुद्ध का मार्ग वैज्ञानिक एवं तर्कसंगत है। मनुष्य के जीते जी धरती पर मानवोचित जीवन तुरन्त स्थापित हो जाये ऐसी सार्थक पहल बुद्ध के दर्शन में दिखायी देती है। जाति विहीन, शोषण विहीन, उत्पीडऩ मुक्त भारत में सुख समृद्धि और समता स्थापित करना बाबा साहब के जीवन का परम लक्ष्य था। प्रबंध निदेशक चौधरी प्रदीप ने अत्यन्त कुशाग्र बुद्धि सम्पन्न नेता के रूप में निरूपित किया। प्रबंध तंत्र की ओर से चौधरी प्रवीण ने कहा कि निर्बल समझने वाले करोड़ों-करोड़ लोगों के अंदर उन्होंने अपने विचारों से अपराजेय आत्मबल का संचार किया। प्रो अमरेन्द्र कुमार लाल ने कहा कि अम्बेडकर जी अंतिम सांस तक समाज के आखिरी व्यक्ति को बराबरी का दर्जा देने के लिये संघर्षरत रहे। प्रो राकेश कुमार ने उन्हें भारत माता का सच्चा सपूत बताया। प्रो अभिषेक रावत ने कहा कि उन्होंने स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का विधिक एवं नैतिक रूप में संदेश प्रकाशित किया।