ललितपुर

अगाध श्रद्धा भक्तिभाव से होगा अंजनी माता मेला महोत्सव का आगाज

ललितपुर। अगाध श्रद्धा भक्ति भाव और हर्षोल्लास के साथ आगामी 18 अप्रैल से श्री श्री 1008 अंजनी धाम में विराजित चमत्काराणि अंजनी माता के चरणों में विगत कई वर्षो की भांति इस वर्ष भी पारंपरिक मेला का आयोजन किया जा रहा है। वैसे तो यह मेला पूर्व में विशाल पशु मेला के रूप में आयोजित किया जाता रहा है। मगर अब इसका स्वरूप कई बरसों से बदल चुका है अब यह मेला पशु मेले के साथ साथ सांस्कृतिक धार्मिक और आस्था के कार्यक्रमों का केंद्र बन गया है। एक सप्ताह तक आयोजित होने वाले इस मेले में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है मेले में आने वाले आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया जाता है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था विद्युत एवं चिकित्सीय व्यवस्था भी की जाती है। इस मेले में 18 अप्रैल को ध्वजारोहण सुंदरकांड कार्यक्रम होगा 19 अप्रैल को हनुमान जयंती महोत्सव का कार्यक्रम होगा एवं सायं कालीन बेला में क्षेत्रीय कलाकारों द्वारा भजन संध्या व कीर्तन किया जाएगा। 20 अप्रैल को लोक भजन गौ माता भजन सम्राट रामकिशोर मुखिया द्वारा किया जाएगा 21 अप्रैल को बुंदेली लोकगीत एवं लोकनृत्य आयोजित किया गया है। 22 अप्रैल को आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम पं.विनोद महाराज एंड पार्टी द्वारा आयोजित होगा 23 अप्रैल को जवाबी कीर्तन मुकाबला आयोजित किया गया है तथा अंतिम दिन 24 अप्रैल को सर्व धर्म सभा के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा। अंजनी माता मेला महोत्सव में विशाल पशु मेला लगता है दूर-दूर से आने वाले लोग यहां पशु खरीदने के लिए आते हैं । इसके साथ साथ ही यहां पर धर्म और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है । इस मेले की मुख्य आकर्षणों में जवारे बच्चों के मनोरंजन हेतु सर्कस झूले ट्रेन रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खानपान आदि की व्यवस्था की गई है। इस मेले का आयोजन मां अंजनी धर्मार्थ ट्रस्ट कुम्हेडी एवं समस्त ग्रामवासीगण और क्षेत्रवासीगणों के सहयोग से किया जाता है। यह मेला जनपद की तहसील महरौनी के अंतर्गत ग्राम कुम्हेडी में किया जाता है यहां तक पहुंचने के लिए सभी जगह से बस सेवा उपलब्ध है।
यहां दूर होती है बच्चों में पनपने बाली सुखी की बीमारीमां अंजनी के दरबार की खास बात यह है कि यहां पर बच्चों में होने वाली सुखी रोग नामक बीमारी का कुदरती इलाज है। यहां पर दूर-दूर से लोग अपने बच्चों की बीमारी दूर करने के लिए आते हैं जिन बच्चों को सुखी नामक बीमारी होती है वह यहां पर आकर धार्मिक अनुष्ठान करते है एवं यहां के पानी से नहाने के बाद अपने घर चले जाते हैं और इसी पानी का यह करिश्मा है कि बच्चों में सूखी नामक रोग स्वता ही नष्ट हो जाता है और बच्चा पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाता है । यह चमत्कार सिर्फ अंजनी मां के दरबार में ही होता है।