ललितपुर

आचार्य श्री विद्यासागरजी श्रमण संस्कृति पाठशाला का वार्षिकोत्सव मनाया

तालबेहट (ललितपुर) कस्बे के नये बस स्टेंड पर स्थित  वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में आचार्य श्री विद्यासागरजी श्रमण संस्कृति पाठशाला की प्रथम वर्षगाँठ पर तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किये गये। जिसके अंतर्गत 29 मार्च को आदि जिनेश्वर प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव स्वामी का जन्म कल्याणक महामहोत्सव मनाया गया। 30 मार्च शनिवार को पं• विनोद कुमार शास्त्री बबीना के निर्देशन में सुबह श्री 1008 भक्तामर महामंडल विधान  एवं जाप्यानुष्ठान के साथ 24 घंटे के अखंड पाठ का शुभारंभ किया गया। रात्रि में मंत्रोच्चार के साथ 48 द्वीप प्रज्वलित कर महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्तिमय आरती प्रस्तुत की। 31 मार्च की सुबह भक्तामर के अखंड पाठ का समापन अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान के उपरांत विश्व शांति महायज्ञ हवन का आयोजन किया गया। रात्रि में आचार्य श्री विद्यासागरजी श्रमण संस्कृति पाठशाला के वार्षिकोत्सव पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की सुंदर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंदिर समिति ने आचार्य श्री का चित्र अनावरण कर ज्ञनद्वीप प्रज्वलित एवं कु रूवी जैन ने मंगलाचरण किया। इस अवसर पर विशाल जैन ने कहा कि भारतीय संस्कृति की सुरक्षा एवं बच्चों का भविष्य संवारने के लिए वर्तमान में शिक्षा के साथ संस्कार बहुत जरूरी हैं। जिसके लिए सबसे पहले मां और फिर पाठशाला की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि यह पाठशाला एक बगिया है जिसे संचालिका राजुल मोदी एवं नीतू जैन ने पिछले एक वर्ष से बड़े प्रेम से ज्ञान और संस्कारों से सिंचित किया है एवं सभी से अपने बच्चों को समय से नियमित पाठशाला भेजकर सहयोग करने का आह्वान किया। तत्पश्चात बच्चों ने णमोकार मंत्र है प्यारा भजन पर नृत्य, मस्ती की पाठशाला नाटक एवं यह है पाठशाला भजन पर सुंदर मनमोहक प्रस्तुति दी। बच्चों को वार्षिक परीक्षा के प्रमाण पत्र एवं उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए  पुरस्कार प्रदान किए गए एवं मंदिर समिति ने पाठशाला संचालिका राजुल मोदी एवं नीतू जैन का सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन अजय जैन मोनू एवं आभार व्यक्त कार्यक्रम संयोजक प्रदीप जैन एडवोकेट पवा ने किया।